Sri Lanka explosions: Churches and hotels targeted, more than 200 killed (BBC Hindi)

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36 thoughts on “Sri Lanka explosions: Churches and hotels targeted, more than 200 killed (BBC Hindi)”

  1. Really world is where is going we don't know 😔 why these terriorst killing innocent people like 1- India 46 sholser 2- New jealnd now Sri Lanka really shame there type of f### terror 😞😞😞😞😞😞

  2. ये तो बीबीसी के प्रिय लोग थे जिन्होने हमला किया। बीबीसी वाले इन्हें आप जी कह के पुकारते है।
    फुट डालने वालो के पिछवाड़े में घुस जाएगा फुट डालना

  3. इसे ईसाईयों का नहीं एशियाईयों के क़त्ले आम के रूप में देखें।
    ये हमले नीचतापूर्ण और शैतानी हैं, जिहादी नहीं। जिहाद सेना का हमलावर दुश्मन सेना से होता है और उसका मक़सद आत्म रक्षा होता है, विश्व विजय या अपने धर्म का प्रसार करना नहीं होता। निहत्थे आम नागरिकों को धर्म स्थल में पूजा के समय मारना इस्लाम में हराम है और जो ऐसा करता है, उसके लिए मृत्यु दंड से कम कुछ नहीं है।
    आपने पाकिस्तान को आतंकवाद की फैक्ट्री बताया, सही बताया लेकिन ज़रा और आगे नज़र बढ़ाकर देखें कि LITTE और पंजाब के आतंकवादियों को ब्रिटेन पनाह देता था। आतंक की फैक्ट्री चलाने के लिए पाकिस्तान को हथियार और डालर अमेरिका देता था। इमरान ख़ान ने अमेरिका के आतंकी मंसूबों पर चलने से मना किया तो अमेरिका ने उसकी आर्थिक मदद रोक दी।
    अमेरिका वियतनाम, इराक़, सीरिया और अफ़ग़ानिस्तान आदि एशियाई देशों पर हमले कर चुका है। वह जापान पर परमाणु बम डालकर मासूम नागरिकों को मार चुका है। अमेरिका भारत को अपने ख़ेमे में लाने और झुकाने के लिए आतंकियों को राजनैतिक पनाह खुले आम देता था।
    इन सब आतंकी हमलों का सीधा नतीजा यह होता है कि एशिया अस्थिरता का शिकार होता है। एशिया की शक्ति धर्म और नैतिकता है। एशियाई देशों को धर्म के नाम पर ही लड़ा दिया जाए तो हर आदमी अपने धर्म की रक्षा में खड़ा हो जाएगा और यह युद्ध तब ख़त्म होगा, जब आख़िरी लड़ने वाला ख़त्म होगा। उसके चलते एशिया यूरोप की तरह एक नहीं होगा और उसके बाद अमेरिका को किसी से लड़ने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि लड़ने वाले जितने थे, वे सब आपस में ही लड़कर ख़त्म हो चुके होंगे। इराक़ और सीरिया की तबाही इसकी मिसाल है। उत्तरी कोरिया को नकेल पहनाना इसी अभियान का हिस्सा है।
    अमेरिका अपनी विश्व विजय के लिए आतंकवाद के ज़रिए एशियाई देशो में कठपुतली सरकारों का गठन करता है। इसीलिए उसे कठपुलती आलोकतांत्रिक सऊदी सरकार पसंद है लेकिन कठपुतली न बनने वाली ईरानी लोकतांत्रिक सरकार से दुश्मनी है।
    इस लड़ाई का लाभ अमेरिका, ब्रिटेन, इज़रायल और यूरोप को मिल रहा है।
    जो भारत, ईरान और चीन पर आए दिन व्यापारिक प्रतिबंध लगाते रहते हैं।
    ईरान, चीन और रूस इस आर्थिक युद्ध को ठीक से समझते हैं। उन्हें पता है कि उनका साझा दुश्मन अमेरिका है। इसीलिए अब एशियाई देश शंघाई को-आपरेशन ओर्गेनाईज़ेशन में शामिल हुए हैं। चीन ने एशियाई देशों में अपने माल की ढुलाई के लिए नया सड़क मार्ग बनाया है।
    हर धर्म के कुछ शैतान अमेरिकी एजेंट हैं। ये क्षेत्रीय लोगों के अंदर पनप रही नफ़रत और प्रतिशोध की भावना को हथियार और फ़ंड देकर अपने आर्थिक-राजनैतिक हित पूर्ति के लिए यूज़ करते हैं।
    सभी विचारवान लोगों से सादर विनती है कि अपने देश की अखंडता और आज़ादी की रक्षा के लिए
    क्षेत्रीय आतंकवादी घटनाओं को विश्व परिदृश्य में देखें और समझें।
    इससे दुश्मन की सही पहचान होगी और उसके ख़िलाफ़ एशियाई देश एकजुट हो सकेंगे। एशियाई देश आपस में तकनीकी, व्यापारिक और सामरिक सहयोग बढ़ाकर अमेरिका को एशिया से बेदख़ल कर सकते हैं। यही है जो एशिया को एक महाशक्ति बनने से रोकने में लगा है।
    पूरे विश्व में आतंकवाद अमेरिका की ही देन है और यह ख़ुद भी आज़ाद देशों पर आतंकवादी हमले करता रहता है।
    श्रीलंका के सभी मृतकों के लिए हम दुआ और संवेदना व्यक्त करते हैं लेकिन ये उनके परिवारों के लिए काफ़ी नहीं हैं और आगे ऐसी घटनाएं और हो सकती हैं।
    ऊपर दिए गये विचारों पर ध्यान दिया जाए तो इन्हें बहुत कम किया जा सकता है

  4. दो चुटकले बहुत प्रसिद्ध हैं।
    कानून सब के लिए बराबर है
    और
    आतंक का कोई मज़हब नहीं होता

  5. Kaise dil. Hoge onke jo dusre ko rota dekh kar haste hoge Allah inko Qayamat ke din eise aag mai dalega ki samjhe a jayega mera yakeen hai sale kitne sal yei duniya mai jite rehege 100.200 sal Phir marke t0 oske Paas hi jana hai jisne isko paida kiya or Phir Allah inko inki kaamo ko saja dega LANAT ho eise logo per Allah ki or har inssan ki

  6. पृथ्वी का सर दर्द एक ग्रुप ही है जितना जल्दी सफाई करोगे इतना जल्दी पृथ्वी शांत में रहेगा

  7. पूरी दुनिया में शांति चाहते हो एक काम करना पड़ेगा. Satya joke में देवता और राकेश के भीतर लड़ाई होती थी. आज की इंसान एक इंसान है और एक शैतान अब सब समझ लीजिए शैतान कौन है. यह शैतान हर किसी को यहां रहने नहीं देना जितना जल्दी शैतान को खत्म करोगे दुनिया शांति में रहेगा

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